Jul 5, 2020

Shraddhanjali to Late Sri Ram Singh Dularpur Naya Tola Teghra Begusarai, Bihar

बाबू श्री राम सिंह स्वर्गीय हरिहर सिंह के एकलौते पुत्र थे। इनके बाबा बाबू तिलकधारी सिंह एक बहुत ही प्रसिद्ध व्यक्ति थे। दिनांक 9-6-2020 दिन मंगलवार को आप हम सब को छोडकर परम धाम की यात्रा पर निकल पड़े। उनकी अंत्येष्टि अगले दिन की गई । वे एक कर्मठ एवं धर्मपरायण व्यक्ति थे। हमारे इलाके में श्री त्रिवेणी गोष्ठी के संचालन एवं सहयोग में वे वर्षों तक सक्रिय रहे। आप एक सामाजिक एवं संगीत प्रेमी धर्मात्मा थे। आप किसी भी धार्मिक आयोजन एवं भजन -कीर्तन में अति सक्रिय रहते थे। आपके जाने से हमारे परिवार और समाज की अपूरणीय क्षति हुई है । अपने पीछे वे एक भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं । ईश्वर से प्रार्थना है कि आपको परमधाम की प्राप्ति हो । 🙏🙏🙏




श्राद्धकर्म कार्यक्रम 


स्वर्गाश्रम गमन:- 09/06/2020 मंगलवार
दाह संस्कार कर्म:- 10/06/2020 बुधवार
क्षौर कर्म:- 18/06/2020 गुरुवार
एकादश कर्म:- 19/06/2020 शुक्रवार
द्वादश कर्म:- 20/06/2020 शनिवार
त्रयोदश कर्म:- 21/06/2020 रविवार

अपने पुत्र श्री राम कुमार सिंह और पौत्र भानु के साथ हैदराबाद में 

अपने पुत्र राजेश कुमार सिंह और पौत्र सुमित के साथ 




अपने प्रपोत्र वेदान्त के साथ


एक कर्मठ व्यक्ति 



श्री राम चा को मेरी शब्दांजलि एक कविता के रूप में


हे परमपूज्य हे कर्मवीर!
हे अभिभावक हे कला प्रवीण!
शत-शत नमन आपको करता हूँ।
घर -परिवार के उलझनों को
अब डांट-डपट कौन सुलझाएगा
जीवन के झंझावातों के बीच
हौसला अब कौन बढ़ाएगा
आपका जीवन पथप्रदर्शक
नित राह हमें दिखलायेगा।
आपके चरण कमलों में
श्रद्धा सुमन समर्पित करता हूँ।
हे परमपूज्य हे कर्मवीर!
हे अभिभावक हे कला प्रवीण!
शत-शत नमन आपको करता हूँ।
होली के वे सरस फाग भजन
अब फिर से कौन गाएगा
द्रुत गतिपूर्ण लय ताल बद्ध
ढोलक की थाप कौन सुनाएगा
त्रिवेणी संगम में रामायण धुन से
अब कौन हमें नहलायेगा।
परमपद मिले स्वर्ग में
प्रभु से विनती ऐसी करता हूँ।
हे परमपूज्य हे कर्मवीर!
हे अभिभावक हे कला प्रवीण!
शत-शत नमन आपको करता हूँ।
 

मानस चिंतक-कलाप्रवीण 



पोस्ट लेखक : पंकज कुमार (मुन्ना) - जिसे आपने पितृवत अपना अपार प्रेम और स्नेह प्रदान किया। 


Apr 26, 2020

Community Kitchen Dularpur Teghra Begusarai Bihar




सामुदायिक किचन दुलारपुर तेघरा बेगूसराय बिहार

भारत सरकार ने कोरोना की भयावहता को देखते हुए 22 मार्च को जनता कर्फ्यू की घोषणा की। भारत की जनता ने इसे हाथोंहाथ लिया और यह अभूतपूर्व रूप से सफल रहा। उसके बाद 25 मार्च से देशव्यापी लॉक डाउन की घोषणा 21 दिनों के लिए की गई। इसका दूसरा चरण 3 मई तक चलेगा। 


इस घोषणा के बाद आम जनजीवन बहुत प्रभावित हुआ और गरीब मजदूरों और किसानों के सामने सचमुच एक बहुत बड़ी समस्या आन पड़ी।  इसी को देखते हुए बिहार के बेगूसराय जिले के दुलारपुर गाँव के कुछ युवाओं ने जरूरतमंद और गरीब गुरबों की मदद करने का बीड़ा उठाया।  

कहते हैं न कि जहाँ चाह है वहां राह है।  इसके लिए कुछ युवाओं ने श्री राम जानकी मंदिर दुलारपुर ठाकुरबाड़ी में एक बैठक की और आगे की रणनीति बनाई।  मार्च महीने में ही उन लोगों ने सामुदायिक किचन दुलारपुर के नाम से एक व्हाट्सअप्प ग्रूप बनाया और उसमें ग्रामीण लोगों के साथ ही साथ प्रवासी ग्रामीणों को भी जोड़ा। इस ग्रूप के युवाओं ने आज की तकनीक का भरपूर उपयोग किया।  जब मीटिंग करनी होती तो ग्रूप पर सन्देश भेज ठाकुरबाड़ी में आकर विचार विमर्श कर आगे की योजना बनाते।  

प्रथम चरण में इन युवकों ने अपने दम पर आटा, चावल, दाल, सब्जी, सरसों तेल, नमक, साबुन, मास्क, सेनीटाईजर आदि आर्थिक रूप से जरुरतमंदों को बांटकर उनकी भरपूर मदद की।  इनके इन प्रयासों को देखते हुए देश के भिन्न- भिन्न शहरों में रह रहे ग्रामीणों ने भी इनको सहयोग देना शुरू किया।  इसी बीच गाँव के दो घर आग लगने से जल गए।  सामुदायिक किचन दुलारपुर के युवाओं ने अपने घरों से बच्चों के कपड़े, साड़ियां और राशन की व्यवस्था की।  







दूसरे और तीसरे चरण में भी सभी युवाओं ने बिना किसी भेदभाव के आर्थिक रूप से जरूरतमंद लोगों की मदद जारी रखी।   बीच में कुछ दिक्कतें भी आईं, लेकिन ये लोग अपने काम में लगातार लगे रहे।  

इन लोगों ने पूरे गाँव को सेनीटाईज करने का कठिन कार्य भी लगभग दो दिनों में पूरा कर दिया।  सामुदायिक किचन दुलारपुर के युवाओं  ने टीम वर्क करते हुए कई दल बनाकर अलग- अलग टोलों में सेनीटाईजेशन का काम शुरू किया। मुख्य सड़कों, घर के बाहरी भागों, सार्वजनिक स्थानों को सेनीटाईज  करने का काम बहुत ही जिम्मेदारी से किया गया।  लोगों की सहमति मिली तो घर के अन्दर भी छिड़काव किया।  


इस संस्था के कार्यों को एक आलेख में समेटना मुश्किल काम है। पूरे जिले में इनके कार्यों की भूरि-भूरि प्रशंसा हो रही है। इनके इन कार्यों की सराहना पूरे  मीडिया जगत द्वारा किया गया।   सामुदायिक किचन दुलारपुर के युवाओं को हार्दिक शुभकामनाएं देना चाहता हूँ कि आपके सद्प्रयासों को बहुत लम्बे समय तक याद रखा जाएगा।  यह समस्त ग्रामीणों के सहयोग से किया गया एक ऐसा कार्य है जिसकी जितनी भी प्रशंसा की जाय, कम होगी।  उम्मीद है कि  सामुदायिक किचन दुलारपुर के युवा आगे भी अपनी इस एकता और जोश को कायम रखते हुए समाज सेवा का कार्य करते रहेंगे।  

पोस्ट लेखक: पंकज कुमार 


Apr 14, 2020

Bihar Kesari Dr Krishna Singh Freedom Fighter Chief Minister of Bihar

बिहार केसरी डॉक्टर कृष्ण सिंह, स्वंतत्रता सेनानी एवं बिहार के प्रथम मुख्य मंत्री 



Mar 28, 2020

स्वतंत्रता सेनानी तारणी प्रसाद सिंह, बजलपुरा, तेघड़ा, बेगुसराय, बिहार

प्रस्तुत पोस्ट में हम बेगुसराय बिहार के एक प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी तारणी बाबू के बारे में चर्चा करेंगे. उम्मीद है कि यह जानकारी आपको अच्छी लगेगी. 





स्वतंत्रता सेनानी श्री तारिणी प्रसाद सिंह (बजलपुरा, तेघड़ा) से संबंधित एक और आलेख मिला है जिसे  मैं यहाँ शेयर कर रही हूँ .





स्रोत : बिहार के स्वतंत्रता संग्राम में ब्रह्मर्षि समाज का योगदान (पुस्तक), लेखक : श्री राम बालक सिंह बालक, बैकुंठपुर, पटना, बिहार 

Jul 28, 2019

Father Was Everything for Me

2 July 2019

आज लगभग साढ़े दस बजे मेरे पिताजी प्रोफेसर चंद्रमौलि चौधरी को सीने में तेज दर्द हुआ. उन्होंने अपने हर्रख स्थित मकान में रह रहे शिक्षक राम उदय जी को इसके बारे में  बताया।

राम उदय जी ने स्थानीय डॉक्टर मुन्नाजी से संपर्क किया और उनके पास लेकर गए. रक्त चाप बहुत ज्यादा था. डॉक्टर ने उनको बेगूसराय के एक हॉस्पिटल ग्लोकल हॉस्पिटल में भरती करा दिया। ऑक्सीजन लगया गया और रक्त चाप को नियंत्रण में लाने का प्रयास चलता रहा. रात के दो बजे तक मेरा भाई सत्य प्रकाश भी पूर्णिया से बेगूसराय अपने वाहन से आ गया. 

बेगूसराय स्थित आवास 


3 July 2019 

ग्लोकल हॉस्पिटल में कोई सुधार न देखते हुए वहां से पटना रेफर कर दिया गया. पटना में मेडिका हार्ट इंस्टिट्यूट रोड नंबर १ राजेंद्र नगर में पिताजी को एम्बुलेंस द्वारा लाया गया. बेगूसराय से पटना आते वक़्त मकान में काम कर रहे सारे मिस्त्री, मजदूर और पेंटर भी उनसे मिलने आये और पिताजी ने सबको हाथ हिलाकर काम करते रहने का संकेत दिया। मेडिका हार्ट इंस्टिट्यूट को बिहार का सबसे अच्छा हार्ट का हॉस्पिटल माना जाता है. वहां डॉक्टर प्रभात कुमार सबसे बड़े डॉक्टर हैं. मेडिका में पिताजी की तबीयत उस दिन तक ठीक थी.

4 July 2019 
तीन तारीख को हम लोगों ने भी दिल्ली से पटना जाने का प्लान बनाया। 4 की सुबह को हमने दिल्ली से पटना की फ्लाइट ली और साढ़े ग्यारह बजे तक हॉस्पिटल आ गए. उस समय तक पिताजी ठीक थे. सबसे बात की. हमें आशिर्बाद दिया। दो बजे डॉक्टर ने बताया कि उनकी स्थिति में सुधार हो रहा है. हम लोग भी उम्मीद लगाए थे कि भगवान् अच्छी खबर सुनाएंगे। इस प्रकार 4 तारीख भी निकल गया.

5  July 2019 

आज सुबह से ही मन में बैचैनी थी. आज पिताजी कुछ सुस्त नजर आ रहे थे. सुबह में कोई दस बजे कुछ खाया। दोपहर को उनको सेंट्रल लाइन वाला पाइप लगाया गया और चार बजे उनका सीपीआर( Cardio-Pulmonary Resuscitation) हो गया.  मेरे पति ने ICU में डॉक्टर को पिताजी का सीपीआर करते देखा। उस समय एक डॉक्टर ने उनसे कहा कि अब चांस काम है. उसके बाद उनको वेंटीलेटर का सपोर्ट दिया गया. उनकी हालत बिगड़ने लगी थी.

6  July 2019 
यह दिन हम सबके जीवन का सबसे दुखद दिन साबित हुआ. सुबह से ही बार बार पिताजी को ICU के विंडो से देखने जाती रही. यह सोचकर कि शायद पिताजी हमारी राह देख रहे हों. लेकिन वह तो हम सबसे पल पल दूर होते जा रहे थे. आज दिल्ली से मेरे बच्चे वृद्धि और आशु भी अपने मौसा जी के साथ फ्लाइट से पटना पहुंचे। सब इस उम्मीद में थे कि नानाजी ठीक होकर हमारे साथ चलेंगे। लेकिन विधाता को तो कुछ और ही मंजूर था. आज के दिन शाम को 5 बजकर 37 मिनट पर मेरे पिताजी हम सबको रोते बिलखते छोड़ सदा सदा के लिए चले गए.
देर रात तक उनका पार्थिव शरीर बेगूसराय स्थित उनके आवास सी एम् हाउस हर्रख पर लाया गया.


7   July 2019 

आज पिताजी को अंतिम विदाई देने का दिन था. मेरे गांव मकसपुर से कुछ लोग आये. बेगूसराय के स्थानीय लोग भी आये. पिताजी को सिमरिया लाया गया. रास्ते में घनघोर बारिश होने लगी. सब लोग परेशान थे कि अंतिम संस्कार कैसे होगा। लेकिन जैसे ही हमलोग सिमरिया पहुंचे मानो प्रकृति ने भी हमारा साथ देते हुए बादलों को कहीं और भेज दिया। मेरे भाई सत्य प्रकाश ने पिताजी को मुखाग्नि दी. इस प्रकार वे पंच तत्व में विलीन हो गए. 
प्रोफेसर चंद्रमौलि चौधरी विभागाध्यक्ष, रसायन विभाग, के एस एस कॉलेज, लखीसराय,
भागलपुर विश्वविद्यालय 


कर्मकांड के मुताबिक पिताजी का श्राद्ध किया गया. हमारे पिताजी आज जहाँ कहीं  भी होंगे हम सबको देख रहे होंगे और हम सबको आशर्वाद दे रहे होंगे। 
श्राद्ध कार्यक्रम 

पिताजी ! आप हम सबको बहुत याद आते हैं....