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Sep 27, 2015

Home Makeover with Multiple Colours #PaintFinder

Home is a place where we all like to live peacefully. Everyone tries to make his or her home a happy place to live in. I also believe to have a clean and colorful house. When it comes to chose the wall and ceiling color; for me it is always difficult find the right choice. When a color suits me it does not suit other family members. But this is a thing which must be resolved with majority. Everyone tries to find out the solution. People look for colorful catalog of different paint manufacturing company. If you chose a color, the sales people will say, this particular color is not available right now. Some other similar shade will work. So these are the little things which make you unusual. Either the thought to compromise is appear or you think that let it go, I will change the color of the wall on next Deepawali.


But here comes a very novel concept of color - #PaintFinder.
This website is self sufficient to provide you all types of color solution rather more than you think. As the company profile says- The Company understands the need of the consumer and provides a wide range of services. At Bed Bath More, a customer can find many ideas, inspirations and products to fulfill all his dreams. So, I log on to the website. First of all I chose paint shade; it was Irish Eye 4T for my drawing room. As I click this shade, I saw the result, how the wall will look on the screen. It gives you an idea about the output. All family members okayed this color. I save this in my cart.  Then I chose the color for the walls of kid’s room. It was California Lettuce 4D.  


This color is very smooth and will light efficient color. The preview of the color is soothing and appreciated by all members of the family. I also cart this color. A customer can calculate the quantity of paint by feeding the square area in the boxes and can calculate the price of the paint used. I appreciate the services and the variety of colors at Bed Bath More.  This is the right choice!
You can select your favorite color using this website. I like the home paint guide very much.



“I am participating in the #PaintFinder activity in Association withBlogAdda & Bed Bath & More“.

सच्ची सलाह सफलता का द्वार

यूँ तो जीवन में हर हमेशा सुधार की गुंजाइश रहती है और लोगों को निरंतर अपने व्यक्तित्व के विकास पर धयान भी देना चाहिए. चाहे यह स्वास्थ्य से जुड़ा हो या परिवार से, या व्यवहार से, या फिर नौकरी से. ऐसे तो हर किसी को किसी न किसी रूप में लोग सलाह देते रहते हैं लेकिन मैं यहाँ एक #SachchiAdvice का जिक्र करना चाहूंगी जिसने वाकई मेरे छात्र जीवन में परिवर्तन ला दिया. जब भी मैं परीक्षा देती, परीक्षा परिणाम आने के बाद मेरे अंक उतने अच्छे नहीं आते जितना मैं सोचती. मैं मन ही मन सोचती-मैंने लिखा तो सब कुछ था, याद भी किया था फिर मेरे अच्छे अंक क्यों नहीं आते. मैंने यह बात अपने सी एच सर को बताई. उन्होंने मुझे एक सलाह दी. जब भी तुम एग्जाम देने जाओ, अपने साथ घडी जरुर ले जाओ. हर आधे घंटे पर घडी देखो और यह देखो कि तुम्हारी गति सही चल रही है कि नहीं. अंतिम के 10  मिनट बचा कर रखो. इस दस मिनट में तुमने अपनी उत्तर पुस्तिका में क्या लिखा है यह एक बार ध्यान से देखो. अपने द्वारा लिखे गए उत्तर को एक बार पुनः देखने से यह पता चल जाता है कि कोई प्रश्न छूट तो नहीं गया और कुछ इस तरह की गलतियाँ दीख जाती हैं जिसे तुम्हे स्वयं देखकर आश्चर्य होगा कि ऐसी गलती मैंने कैसे छोड़ दी. मैंने उसने इस #SachchiAdvice को ठीक तरह से समझ लिया.

कुछ महीने बाद मेरी वार्षिक परीक्षा होनी थी. मैंने  सर द्वारा दी गयी सलाह को अपने सारे विषयों की उत्तर पुस्तिका लिखते समय भरसक पालन करने का प्रयास किया. मैंने अंतिम के 10 मिनटों में जब अपने ही आंसर सीट को पढ़ा तो मुझे मालूम हुआ कि परीक्षा देते समय मैं लिखावट संबंधी कितनी गलती करती हूँ. एक छोटी सी सलाह का पालन करते हुए मुझे यह पता चल गया था कि एक सच्ची सलाह कितनी महत्वपूर्ण होती है. उस बार मेरे नौवी क्लास का रिजल्ट आया और मेरा रिजल्ट बहुत ही अच्छा हुआ. मैं अपने पूरे स्टूडेंट लाइफ में इसका पालन किया. Thanks to #SachchiAdvice!

“I am participating in the #SachchiAdvice Contest by MaxLife in Association with BlogAdda.”

Sep 26, 2015

टाटा स्काई प्लस ट्रान्सफर के साथ ले पूरा आनंद टीवी का


आज के माहौल में टीवी  को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. घर के सभी सदस्यों को टीवी देखना अच्छा लगता है. बच्चे स्कूल से आते ही सोफे पर लेट जाते हैं और रिमोट की मांग करने लगते हैं. कार्टून जो देखना है उन्हें! देना ही पड़ता है आखिर पूरे दिन स्कूल में पढाई के बाद थोडा मनोरंजन तो चाहिए ही उन्हें. 
घर के बड़ों का एक अपना टाइम होता है, शाम को पतिदेव ऑफिस से आते हैं तो प्राइम टाइम उनका. न्यूज़ देखना है, डिबेट सुनना है या फिर डिस्कवरी या बीबीसी देखना है. ऐसे में मुझे लगता है कि मैं बहुत कुछ मिस कर रही हूँ.  मेरे सीरियल जो मुझे बहुत अच्छे लगते हैं; जैसे कुमकुम भाग्य, सतरंगी ससुराल, साथ निभाना साथिया, स्वरागिनी, सुमित संभाल लेगा, डोली अरमानों की, जमाई राजा. इन सीरियल को मिस कर जाती हूँ तो लगता है यह आधा- अधूरा मनोरंजन कब तक चलेगा. बहुत कुछ समझौता करके चलना पड़ता है. अमिन मन ही मन सोचती काश यह सब मोबाइल या तब पर आता तो मैं चुपचाप अपने स्मार्ट फ़ोन पर यह सब कुछ देख लेती. 

खैर मेरी मन की इच्छा पूरी हुई. जब से टाटा स्काई प्लस ट्रान्सफर का सेट टॉप बॉक्स आया है, मैं अपने मनोवांछित सीरियल को रिकॉर्ड कर अपने मोबाइल पर देख सकती हूँ. इसमें बहुत सारे features हैं. सेट टॉप बॉक्स में 500 GB का हार्ड डिस्क लगा होता है जिसमे आप अपनी पसंद के कार्यक्रम, सिनेमा, रियल्टी शो रिकॉर्ड कर सकते हैं और अपने पिछले पांच दिनों के प्रोग्राम को जहाँ मन हो वहां देख सकते हैं. इसके लिये आपको अपने डिवाइस को पंजीकृत करवाना होगा. टाटा स्काई प्लस ट्रान्सफर का पिक्चर क्वालिटी और साउंड क्वालिटी भी बहुत बढ़िया है. हाई डेफिनिशन और डॉल्बी साउंड सिस्टम का आनंद लिया जा सकता है.



 मैं तो बहुत खुश हूँ कि टाटा स्काई प्लस ट्रान्सफर ने इतने फीचर से भरे सेट टॉप बॉक्स को बाजार में उतारा है. इसमें विडियो ऑन डिमांड का भी विकल्प है, यदि आपको अपने पसंद की कोई फिल्म देखनी है तो आप इसका इस्तेमाल कर सकते हैं. आपने जो विडियो रिकॉर्ड किया है उसको Rewind, Forward या Pause भी कर सकते हैं. इससे आप अपने मनपसंद सीन को जितनी बार देखना चाहते हैं, देख सकते हैं. बकवास सीन को आगे भगा सकते हैं. है न मजेदार टाटा स्काई प्लस ट्रान्सफर! अभी इसका मूल्य 9300 रूपये रखा गया है. टाटा स्काई के पहले के उपभोक्ता भी अपने पुराने स्कीम को अपग्रेड कर इसे खरीद सकते हैं.

Sep 2, 2015

तेघड़ा का भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मेला ऐतिहासिक


तेघड़ा ( बेगूसराय) का भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मेला ऐतिहासिक है। देश भर में दूसरा सबसे बड़ा मेला का आयोजन यहां किया जाता है। इस मेले का भी गौरवमयी इतिहास रहा है। तेघड़ा में मेले का आयोजन प्रत्येक वर्ष धूमधाम से होता है। मेला तीन दिनों तक चलता है। इसमें आसपास के क्षेत्रों से हजारों लोग यहां पहुंचते हैं। 

भयंकर महामारी की चपेट में था तेघड़ा : वर्ष 1927 में तेघड़ा में प्लेग की बीमारी भयंकर महामारी के रूप ले ली थी। सैकड़ों की संख्या में लोग प्लेग से मारे गय थे। महामारी के कारण तेघड़ावासी बाजार छोड़ कर गांवों में जाकर बसना शुरू कर दिया था। कई लोग तेघड़ा छोड़कर दूसरे शहरों एवं राज्यों में जाकर बस गए थे। 
  • प्लेग की महामारी में मारे गये थे सैकड़ों लोग 
  • श्रीकृष्ण की आस्था और भक्ति से मिला था निजात 
  • अभी दस किलोमीटर परिक्षेत्र में 14 मंडपों में मेला का आयोजन
महामारी से बचने के लिए किया था यज्ञ अनुष्ठान : प्लेग की इस भयंकर महामारी से बचने के लिए लोगों ने काफी उपाय किए। बड़े-बड़े यज्ञ और अनुष्ठान किया। नामी वैद्यों को बुलाया गया। लोग परेशान होकर भगवान की पूजा करने लगे थे।
1928 में पहली बार मनाया गया जन्मोत्सव: चैतन्य महाप्रभु के कीर्तन मंडली की सलाह पर सर्वप्रथम 1928 में स्टेशन रोड में शिवमंदिर के समीप स्व.वंशी पोद्दार, विशेश्वर लाल, लखन साह के नेतृत्व में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। तत्पश्चात कुछ ही दिनों के बाद प्लेग से लोगों को छुटकारा मिल गया था। तब से तेघड़ावासियों की आस्था भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ गई। 1929 में स्व. सूर्यनारायण पोद्दार हाकिम, नुनु पोद्दार, हरिलाल सहित अन्य के नेतृत्व में मेन रोड में मुख्य मंडप में भी मनाया जाने लगा। यह सिलसिला करीब दशकों चला। 


श्री चैतन्य महाप्रभु

चैतन्य महाप्रभु की कीर्तन मंडली ने दी थी सलाह : 28 फरवरी 1928 को भारत भ्रमण के दौरान चैतन्य महाप्रभु की कीर्तन मंडली तेघड़ा पहुंची। कीर्तन मंडली तेघड़ा में रात में रुकी थी। इसी दौरान तेघड़ा बाजार के प्रबुद्ध लोगों ने कीर्तन मंडली के संतों से मिलकर प्लेग से निजात पाने के उपाय पूछा था। तब मंडली के एक संत ने श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाने की सलाह दी थी। 
वक्त के साथ कारवां भी बढ़ता चला गया : समय के साथ तेघड़ा में भगवान श्रीकृष्ण में लोगों की आस्था बढ़ने लगी। साथ ही मेले के स्वरूप में मंडपों की संख्या भी बढ़ती गई। कलांतर में स्व. लखी साह, स्व. रामेश्वर साह, हरिलाल मखाड़िया के नेतृत्व में धूमधाम से मेला का आयोजन किया जाने लगा।


साभार : दैनिक जागरण