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Mar 2, 2016

Dularpur Won Final Match


दुलारपुर बना विजेता

 


बेगूसराय : आरबीएस कॉलेज तेयाय के प्रांगण में शहीद रामविलास ¨सह स्मृति जिला स्तरीय वॉलीबॉल टूर्नामेंट का फाइनल मैच दुलारपुर व टीसीएम मधुरापुर के बीच खेला गया। इसमें दुलारपुर की टीम ने टीसीएम को 3-1 से हराकर विजेता का खिताब जीता।मौके पर डा. रंजन कुमार चौधरी ने विजेता एवं उपविजेता टीम को शील्ड प्रदान किया। खेल से युवाओं का सर्वांगीण विकास होता है। मौके पर रेफरी अजय कुमार, दिलीप कुमार, रामानुज चौधरी, विजयशंकर चौधरी, राजेश चौधरी, गो¨वद पाठक, राजीव चौधरी आदि मौजूद थे। स्वागत भाषण भोला चौधरी ने दिया।
Acknowledgement: Dainik Jagran

Feb 14, 2016

Traditional Music of Rural India Hindi Essay

ग्रामीण भारत का पारंपरिक संगीत हिंदी आलेख


ग्रामीण भारत के पारंपरिक संगीत पर लिखने से पहले इसके बारे में यह जान लेना बहुत जरुरी है कि इसके कई स्तर हैं, कई रूप हैं और कई प्रकार हैं. सबसे पहले पारम्परिक संगीत हर ऋतू और हर पर्व त्यौहार से जुड़ा होता है. हम जनवरी महीने से शुरू करें तो सबसे पहले 26 जनवरी आता है, इस मौके पर तो ज्यादातर फ़िल्मी देशभक्ति गीत स्कूल के बच्चे गाते हैं लेकिन कुछ पारंपरिक संगीत भी हैं जो देशभक्ति से जुड़े होते हैं.
वसंत पंचमी में सरस्वती माता के बहुत सारे लोक भजन गाये जाते हैं. एक सबसे बड़ा बदलाव आया है वह यह है कि हर दो चार गाँव पर एक कीर्तन मण्डली होती है जो विभिन्न आयोजनों पर अपनी प्रस्तुति देते हैं. कुछ मूल भजन के साथ ही साथ ये मण्डली कुछ पैरोडी भी तैयार करते हैं जो तत्कालीन लोकप्रिय फ़िल्मी गीत पर आधारित होता है. यह सुनने में बहुत ही लोकप्रिय होता है और युवा वर्ग इसे विशेष रूप से पसंद करते हैं.  
वसंतपंचमी के बाद होली गायन शुरू हो जाता है. होली का पर्व एक सरस पर्व हैं. होली से सम्बंधित एक से बढ़कर एक लोकसंगीत जनमानस में रचे बसे हैं. जोगीरा, फाग, धमाल, चौताला, भजन, ठुमरी आदि अनेक तरह के संगीत होली के अवसर पर गाये जाते हैं. ग्रामीण स्तर की कीर्तन मण्डली में अगर वाद्य यंत्र को देखा जाय तो आपको प्रायः एक हारमोनियम, ढोलक (कभी कभी तबला), झाल, मंजीरा (दो से तीन जोड़ी) ही होती हैं. यह कीर्तन मण्डली जब आपस में संगत करती हैं तो गाँव के बूढ़े या बुजुर्ग शामिल होते हैं और वहीँ उन पारंपरिक गीतों या धुनों को गाते बजाते हैं जो मौखिक रूप से कई पीढ़ियों से चला आ रहा है

कभी कभी लगता है कि आज के इस तकनीकी युग में इसे रिकॉर्ड कर संरक्षित का लेना चाहिए. दुर्गा पूजा, श्री कृष्णाष्टमी, नवरात्र, छठ, महाशिवरात्रि, सत्यनारायण पूजा, नवाह, अष्टयाम, आदि अनेक भक्तिमयी आयोजन होते हैं जब लोग इक्कठे होकर गीत- संगीत गाते बजाते हैं

शहरों में MUSIC सीखने के सेन्टर होते हैं जहाँ बच्चे जाते हैं और फीस भरकर ये कला सीखते हैं. गाँव में लोग सिर्फ अभ्यास कर निःशुल्क सीख लेते हैं. ग्रामीण परिवेश में मंदिर, शिवाले या सामुदायिक भवन ऐसा स्थान होता है जहाँ भजन कीर्तन का आयोजन होता रहता है.

समाज में कीर्तनकार को विशेष सम्मान प्राप्त होता है लेकिन दुःख की बात यह है कि इनकी संख्या लगातार घटती जा रही है. गाँव से शहर की तरफ लोगों का तेजी से पलायन भी पारंपरिक संगीत के लिए एक बाधा है. पहले संगीत और संगीतकार की बहुत इज्जत होती थी, आज के मोबाइल युग में यह सुलभ साधन बन गया है. लेकिन आज के युवा इसे एक मौका के रूप में देखे और यदि उन्हें कभी कोई भी दुर्लभ या अच्छा पारंपरिक संगीत सुनाई पड़े तो वह उसे रिकॉर्ड कर YOUTUBE पर डाल सकते हैं, ताकि उसे और लोग भी सुन सकें और जान सकें.


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MGNREGA and Its Impact on Rural Employment

जैसा कि आपको पता है कि MGNREGA को Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Act के नाम से जानते हैं. यह भारत सरकार की बहुत ही महत्वाकांक्षी परियोजना रही है.  

Picture Courtesy: The Hindu
जैसा कि हम सबको मालूम है कि महात्मा गांधी ऐसा मानते थे कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है। वे ग्रामीण अर्थव्यवस्था की आत्मनिर्भरता, स्वशासन की वकालत किया करते थे। गांधीजी ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान खादी और चरखे का प्रचलन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की सुदृढ़ता और स्वनिर्भरता को ध्यान में रख कर किया। आज की स्थिति वैश्वीकरण के साथ विकास की है। तीव्र गति से आर्थिक विकास के नए आयामों को गढ़ा जा रहा है। परंतु इस विकास के साथ भारी असमानता भी दिखाई पड़ती है। ग्रामीण-शहरी, अमीरी-गरीबी के बीच का अंतर व्यापक रूप से दिखता है। आज ग्रामीण क्षेत्र विकास की राह पर शहरों जैसा दौड़ पाने में लाचार बने हुए हैं। इस लाचारी को दूर करने के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय ने कई अहम पहल की हैं। पीयूआरए, मनरेगा, ग्रामीण विद्युतीकरण, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, स्वरोजगार कार्यक्रम, आधारभूत संरचना निर्माण सहित ऐसी कई योजनाएं ग्रामीण विकास व रोजगार वृद्धि हेतु चलाई जा रही हैं। पिछले कुछ वर्षों से इन योजनाओं के लाभकारी प्रभाव स्पष्ट दिखे हैं। ग्रामीण विकास, रोजगार में वृ्द्धि हुई है। साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था और ग्रामीणों की स्थिति में भी सुधार आया है। प्रस्तुत पोस्ट में हम मनरेगा के विषय में चर्चा करेंगे:

मनरेगा

विश्व की सबसे बड़ी तथा महत्वाकांक्षी योजना महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना 2006 में आरंभ की गई। लागू होने के 10 वर्ष के भीतर इस योजना ने वास्तव में ग्रामीण क्षेत्रों की तस्वीर बदल डाली है। वर्ष 2010-11 के दौरान इस योजना के तहत 5.49 करोड़ परिवारों को रोजगार मिला है। इस योजना के द्वारा अब तक करीब 1200 करोड़ रोजगार दिवस का कार्य हुआ है। ग्रामीणों के बीच 1,10,000 करोड़ रुपये की मजदूरी वितरित की जा चुकी है। आंकड़ों के मुताबिक प्रति वर्ष औसतन एक-चैथाई परिवारों ने इस योजना से लाभ लिया है। यह योजना सामाजिक समावेशन की दिशा में बेहतर सिद्ध हुई है। मनरेगा के द्वारा कुल कामों के 51 प्रतिशत कामों में अनुसूचित जाति व जनजाति तथा 47 प्रतिशत महिलाओं को शामिल किया गया। मनरेगा में प्रति अकुशल मजदूर को 180 रुपये दिये जाते हैं। इसका प्रभाव व्यापक रूप से पड़ा है। निजी कार्यों के लिए भी पारंपरिक मजदूरी जोकि अपेक्षाकृत काफी कम थी, इसके प्रभाव स्वरूप बढ़ गई है।
निश्चित रूप से मनरेगा न केवल ग्रामीण रोजगार के लिए लाभकारी सिद्ध हुआ है बल्कि इसने ग्रामीणों की सामाजिक- आर्थिक स्थिति को सुधारने का मौका भी प्रदान किया है।

मनरेगा की सफलता के आयाम


मनरेगा की सफलता का एक और आयाम यह है कि इसकी बदौलत गांवों में विकास कार्यों तथा स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण को नई गति मिल रही है। यह कृषि आधारित ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में सहायक सिद्ध हो रहा है। इसे चलाने में पंचायती राज संस्थाओं की सक्रिय भूमिका के चलते ग्रामीण प्रशासन का विकेंद्रीकरण हो रहा है और इस तरह लोकतंत्र तथा पारदर्शिता की जड़ें मजबतू हो रही है. इस कार्यक्रम के अंतर्गत ऐसे काम हाथ में लिए हैं जिनमें श्रम की अधिक आवश्यकता होती है.अब सिंचाई कार्यक्रम, जल आपूर्ति तथा पशुपालन जैसे नए कार्य भी मनरेगा में शामिल कर लिए गए हैं। यही नहीं, कानून में यह भी शर्त है कि काम के स्थानों पर श्रमिकों के लिए पीने के पानी, बच्चों के लिए बाल केन्द्र, आराम करने के लिए शेड आदि की व्यवस्था की जाए। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए यह आवश्यक है कि रोज़गार पाने वालों में कम से कम एक तिहाई संख्या महिलाओं की हो। इससे ग्रामीण जनता में बचत की आदत को भी प्रोत्साहन मिल रहा है. इसमें कामगारों की मजदूरी सीधे डाकघरों, और बैंकों में जाते हैं, मनरेगा का ग्रामीण रोजगार को गति देने में एक महत्वपूर्ण भूमिका रही है.

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Feb 12, 2016

Some Fantastico Use of Beetroot in Hindi

चुकंदर के कुछ बेहतरीन प्रयोग


आयुर्वेद के अनुसार चुकंदर का दो -तीन कतरा सलाद के रूप में नियमित खाते रहने से शरीर कई बीमारियों से लड़ने में सक्षम हो जाता है। गर्भवती महिलाओं को इसका जरुर सेवन जरूर करना चाहिए। गर्भावस्था के दरम्यान आमतौर पर खून की कमी की समस्या हो जाती है, जिसे एनीमिया या रक्ताल्पता कहा जाता है। जो महिलाएं चुकंदर का नियमित सेवन करती हैं, उन्हें रक्ताल्पता की समस्या का सामना नहीं करना पड़ता है। कई बार बच्चे भी रक्ताल्पता के शिकार हो जाते हैं। वे अक्सर बीमार रहने लगते हैं। ऐसे बच्चे यदि चुकंदर का जूस पियें तो लाभकारी रहता है। यह अमारैन्थ परिवार का एक पादप सदस्य है। यह कई रूपों में पैदा होता है। यह एक तरह की जड़ है। आमतौर पर यह लाल रंग का होता है। कुछ स्थानों पर सफेद चुकंदर भी पाए जाते हैं। इसके पत्ते को शाक के रूप में प्रयोग किया जाता है।

Picture Courtesy: www.greeninbio.com


चुकंदर के कुछ औषधीय गुण निम्नलिखित हैं:


चुकंदर एनीमिया को दूर करता है : एनीमिया के लिए चुकंदर रामबाण माना जाता है। चुकंदर में पर्याप्त मात्रा में आयरन, विटामिन और मिनरल्स होते हैं, जो खून को बढ़ाने और उसे साफ करने का काम भी करते हैं। यही वजह है कि महिलाओं को इसे नियमित रूप से खाने की सलाह दी जाती है।

किडनी में फायदेमंद : चुकंदर में गुर्दे (किडनी) को स्वस्थ एवं साफ रखने के गुण मौजूद हैं। किडनी से प्रभावित लोगों को चुकंदर का रस देना फायदेमंद होता है। इसमें मौजूद क्लोरीन लीवर और किडनी को साफ करने में मदद करता है।

पित्ताशय के लिए गुणकारी : विभिन्न शोध में यह पाया गया है कि यह किडनी के साथ ही पित्ताशय के लिए भी कारगर है। इसमें मौजूद पोटेशियम शरीर को प्रतिदिन पोषण प्रदान करने में मदद करता है तो वहीं क्लोरीन लीवर और किडनी को साफ करने में मदद करता है।

पाचन में गुणकारी :  बच्चों एवं युवाओं को चुकंदर चबा-चबाकर खाना चाहिए। इससे दांत और मसूड़ों को मजबूती मिलती है। यह पाचन संबंधी समस्याओं को दूर करने में सहायक होता है। इसका नियमित सेवन करने से अपाच्य की समस्या आती ही नहीं है। चुकंदर में बेटेन नामक तत्व पाया जाता है।
दरअसल, आंत और पेट को साफ करने के लिए शरीर को बेटेन की जरूरत होती है और चुकंदर में मौजूद यह तत्व उसकी आपूर्ति करता है। बढ़ती उम्र के बच्चों को चुकंदर जरूर खिलाना चाहिए। इससे उनका शारीरिक सौष्ठव बेहतर होता है। बच्चों के चेहरे पर चमक दिखती है।

उल्टी-दस्त : यदि उल्टी-दस्त की शिकायत हो तो चुकंदर के रस में चुटकीभर नमक मिलाकर पिलाना फायदेमंद रहता है। इससे पेट में बनने वाली गैस खत्म हो जाती है। उल्टी बंद होने के साथ ही दस्त भी नहीं होता है।

पीलिया में लाभकारी : चुकंदर पीलिया के मरीजों के लिए फायदेमंद होता है। पीलिया के मरीजों को चुकंदर का रस थोड़ा-थोड़ा दिन में चार बार देना चाहिए। इस बात का ध्यान रखें कि एक बार में एक कप से ज्यादा जूस नहीं देना चाहिए।

हाइपरटेंशन : चुकंदर का जूस हाइपरटेंशन और हृदय संबंधी समस्याओं से दूर रखता है। इसके नियमित सेवन करने से चिड़चिड़ापन दूर हो जाता है। खासतौर पर स्त्रियों के लिए यह बहुत लाभकारी होता है।

मासिक धर्म में लाभकारी : मासिक धर्म के दौरान महिलाओं को कमर, पेड़ू दर्द एवं अन्य शारीरिक दुर्बलता जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है। चुकंदर का नियमित प्रयोग करते रहने से मासिक धर्म के दौरान होने वाला कष्ट नहीं होता है। माहवारी खुल कर आती है। इस दौरान होने वाली सुस्ती भी दूर रहती है।

जोड़ों का दर्द : बढ़ती उम्र में जोडों के दर्द की एक बड़ी समस्या सामने आती है। खासतौर से महिलाओं
में 50 की उम्र पार करते ही यह बीमारी आम हो जाती है। ऐसी स्थिति में चुकंदर का नियमित जूस पीकर इस बड़ी समस्या का समाधान किया जा सकता है। इससे दर्द में ही राहत नहीं मिलती बल्कि हड्डियां भी मजबूत बनती हैं।

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Jan 8, 2016

Turn Every Good Morning Into Gold Morning #Colgate360GoldMornings

Colgate Gold with Charcol and Salt

It is true that every morning, we start our day with our day to day work. This post is about good morning is gold morning. I think both the terms are interrelated. When you brush well, you feel fresh in the morning, then think of your inner happiness. This freshness is not less than Gold. Gold is a material, it is abstract, but happiness which you have in the morning after brushing your teeth with your favourite Colgate toothpaste. The teeth is made up of enamel, the hardest substance of the body. It is not less than any metal like gold or platinum. Brushing your teeth with Colgate Gel Toothpaste, your teeth sparkle like Gold. This is how the good morning turns into Gold Morning. The rays of like reflecting from the teeth is just like a special identity for anyone. Think of a situation where you see a person with tartar teeth and another person with shiny teeth. What do you think about both? It is the special shiny teeth which glorifies someone's persona. Generally what we see people do not like to brush properly due to habit. I know many person whose teeth are the identity of his personality. When you say good morning to anyone, with your tartar teeth, it is like like some one is saying good morning and puffing polluted air out of his mouth. When a person saying good morning to his boss in the office, with is shinning teeth, its very pleasant. So it is very essential to brush your teeth properly. Give time to your teeth for proper care. Brush twice, with good quality brush and toothpaste.


People use many kind of toothpaste for brushing his or her teeth. But I would like to recommend a soft brush, if it is for kids, keep special attention while buying brush. Kid's teeth are very delicate. Do not buy hard brush. Use good quality tooth paste. Colgate is a known brand for toothpaste. If you want 360 degrees care or overall care of your teeth go for Colgate toothpaste. So, it is time to turn your Good Morning to Gold Morning. I give proper attention to my teeth, I brush well, I use Colgate toothpaste. It is my family toothpaste since last 15 years. I like its flavour. New Colgate Gold is very nice toothpaste.

Colgate is a very big name in toothpaste manufacturing. It is a trusted brand name and it has a wide variety of products for all types of teeth and teeth related problem. You can find out more details about the product range of Colgate by logging it official website. So I would recommend Colgate  for your entire family. Happy brushing. Happy Colgate Brushing. Happy and healthy teeth for all. #Colgate360GoldMornings