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Jul 9, 2015

यू सी ब्राउज़र से इन्टरनेट पर तेजी से सर्च करें



जब हम ब्राउज़र की बात करते हैं तो हमारे मन में एक ही विचार आता है कि ब्राउज़र इतना तेज चले कि कोई भी वेबसाइट झट से खुल जाये और अपना काम तुरंत हो जाए. खास तौर पर जब हम मोबाइल पर इन्टरनेट सर्फिंग करते हैं या टैब पर किसी वेबसाइट को खोलना चाहते हैं. जब मनचाहा साईट जल्दी से नहीं खुलता है तो अन्दर ही अन्दर कोसते हैं उस ब्राउज़र को. वेबसाइट या फेसबुक या अन्य साईट के नहीं खुलने से बहुत परेशानी भी होती है. सही समय पर सन्देश नहीं पहुँच पाता. कई बार आप क्रिकेट का लाइव स्कोर देखना चाहते हैं कि ब्राउज़र का गोल चक्का गोल गोल घुमने लगता है और घूमता ही जाता है. उस समय क्या सोचते हैं आप, तनिक सोचिये. लेकिन अब आपकी इन समस्याओं का समाधान मिल गया है. मैं तो यक़ीनन ऐसी स्थिति में UC Browser का ही इस्तेमाल करूंगी. 
जाहिर सी बात है हर कोई फ़ास्ट ब्राउज़िंग चाहता है. व्यर्थ में अपना समय क्यों गवाएं. मुझे लगता है कि मेरे पोस्ट को पढने से पहले आप इस विडियो को जरुर देखें. 




UC Browser के प्रोडक्ट कंसलटेंट मशहूर क्रिकेटर युवराज सिंह हैं. इस विज्ञापन में एक क्रिकेट फेन क्रिकेट का लाइव अपडेट देखना चाहता है लेकिन ब्राउज़र का गोल चक्का घूमता ही जाता है. दूसरे  विज्ञापन में चोर भी ब्राउज़र की गति को देख और क्रिकेट अपडेट देखने के लिए चोरी करना भूल जाता है.  महादेव को भी कैलाश पर्वत पर ब्राउज़िंग में दिक्कत आती है. भला हो युवराज रूपी नारद का जो पूरे जगत का हाल चाल मालूम रखते हैं और भोले नाथ को भी UC Browser  प्रयोग करने का सलाह देते हैं. मुथ्थु वाले विज्ञापन में मुथ्थु अपने restaurant के लिए रेसिपी डाउनलोड नहीं कर पाता है. UC अन्ना आते हैं उसका काम बनाते हैं, UC Browser इनस्टॉल करवाते हैं.
सचमुच UC Browser अपने नए अवतार में आया है यंग है, फ्रेश है, युवा अपील है, क्रिकेट है, अपडेट है, कमेंटरी है, कमेंट्स करने का आप्शन है.  इसलिए यू सी अन्ना की  बात मानो और UC Browser का इस्तेमाल करो. Surf it All! Surf  it  fast! 
एक विशेष बात क्रिकेट को चाहने वाले लोगों के लिए. इस ब्राउज़र में UC Cricket का जोन है जो मुख्या रूप से क्रिकेट के लिए बनाया गया है. भारत में क्रिकेट का बुखार जब लोगों पर चढ़ता  है तो वे क्रिकेट देखने के लिए क्या से क्या कर देते हैं. कोई पेड़ पर चढ़कर मैच देखता है, तो कोई पानी की टंकी पर चढकर देखता है. कोई स्कूल से भागकर किसी दुकान के आगे खड़ा होकर मैच देखता है तो कोई रेडियो कमेन्ट्री सुनकर काम चलाता है. लेकिन अब समय बदल चुका  है. आपके पास UC Cricket है जब चाहो इसको ब्राउज कर क्रिकेट का बाल- दर- बाल अपडेट लेते रहो. किसी भी आगामी मैच की सूचना  ब्राउज़र आपको मैच शुरू होने से कुछ मिनट पहले ही भेज देगा, मिस करने का कोई चांस नहीं है. मैं तो इस ब्राउज़र का इस्तेमाल इसलिए करुँगी क्योंकि यह तेज है, इजी टू यूज़ है, और लेटेस्ट है. आप भी एक बार जरुर ब्राउज करके देखना. धन्यवाद!

Jul 8, 2015

खुल जाए बचपन ख़ुशी के पल

कहा गया है बचपन हर गम से बेगाना होता है. बच्चे मन के सच्चे होते हैं. लेकिन क्या आपको पता है बच्चों का पालन पोषण किस तरह से किया जाना चाहिए. अंग्रेजी का एक शब्द है – Buddy Parenting. आखिर ये buddy parenting क्या है? बच्चों को अपना दोस्त मानकर जब उसका पालन पोषण किया जाता है तो उसे buddy यानि मित्रवत माना जाता है. 
जब बच्चे यह जान जाते हैं कि मेरे माता –पिता मुझसे मित्रवत व्यवहार करते हैं तो वह पूरी तरह से खुल जाते हैं और उनका बचपन पूरी तरह से खिल जाता है. हमारे सामने बहुत ऐसे ख़ुशी के पल आते हैं जो हमें अपने बच्चे देते हैं. ज्यादातर माता पिता अपने बच्चों को छोटा और अवोध समझकर उनकी तरफ ध्यान नहीं देते हैं. मैं यहाँ एक दो किस्से का जिक्र करना चाहूँगा जहाँ मैंने अपने बच्चों से सीखा है. आजकल के बच्चे electronic गैजेट्स  को use करने माहिर हैं. खासकर मोबाइल को हैंडल करने में. जब मुझे मोबाइल का function समझने में दिक्कत आती है तो मेरा बेटा झट से उसे कर देता है. 



सवाल यह उठता है कि बच्चे कब पूरी तरह से खुल जाते हैं? जब उन्हें लगता है कि उनकी बात को अच्छी तरह से सुना जा रहा है. इसके लिए माता पिता को एक अच्छा listener बनना पड़ता है. यदि आप अपने बच्चे का नैसर्गिक विकास चाहते हैं तो बच्चों के क्रिएटिविटी को nourish करना होगा. अपने बच्चों पर अपने आदेश मत थोपिए. उन्हें समझने कोशिश कीजिये. उनके साथ अपनी बातों को शेयर कीजिये. जब मैं कभी बीमार होती हूँ मेरे बच्चे मेरी न सिर्फ देखभाल करते हैं बल्कि वे वह सब करते हैं जो हमने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा. एक बार मैं बीमार थी, तीन चार दिन हो गए थे. काफी कमजोरी हो गयी थी. डॉक्टर ने कहा – अगर हीमोग्लोबिन काम हो जायेगा तो ब्लड भी  चढ़ाना पर सकता है. बच्चों ने यह बात सुन ली. मेरा बेटा जो दस साल का है, डॉक्टर के पास जाकर बोला डॉक्टर अंकल. आप मेरे ब्लड मम्मी को चढ़ा दीजिये. मैंने टीवी में देखा है कि बेटा का खून मम्मी के खून से मिल जाता है. हम लोग उसकी इन बातों को सुन हैरान हो गए. डॉक्टर ने कहा – नहीं बेटे! आपकी मम्मी को आपके खून की जरुरत नहीं पड़ेगी. वे दवाई से ही ठीक हो जायेंगी. इस तरह के कई ऐसे उदहारण आते हैं जहाँ बच्चे बड़ों से भी आगे निकल जाते हैं. बचपन में बच्चों की तोतली बातें मन को मुग्ध कर देती हैं. आज सूर्य वंशम वाले रोबदार पिता की कोई जरुरत नहीं है जिसे देखकर बच्चों के मुंह से जवान गायब हो जाए. ऐसे भी कहा गया है कि बच्चों को पांच साल तक लाड़ प्यार देना चाहिए, दस साल तक विशेष देखभाल करनी चाहिए और जैसे ही बच्चे सोलह साल के हो जाएँ उनको मित्रवत देखना चाहिए. ख़ुशी के पल तभी आयेंगे, जब खुल जायेगा बचपन, बचपन तभी खुल पायेगा, जब बच्चो के साथ होगा मित्रवत आचरण. 

link: https://www.facebook.com/mychocos


Jul 4, 2015

आस

आस लगाये 
तेरे दर पे आया 
मुरलीवाला


Jun 15, 2015

संगीत और नृत्य का जादू

राजू, पप्पू , सोमदेव और जावेद चारों स्कूल के दोस्त हैं. जब चारों मिलते खूब धमाल मचाते. सोमदेव के साथ एक हादसा हुआ, जिसमे वह बहुत बुरी तरह से जख्मी हो गया. इलाज चला, ठीक तो हो गया, लेकिन चल नहीं पाता है. जब कोई उसे सहारा देता है तभी वह थोडा- थोडा चल पाता है. वह अपने घर पर ही रहता है. माँ साथ में रहती है. पापा बाहर job करते हैं. सोमदेव के तीनो दोस्त अब कॉलेज में पढ़ते हैं, बाहर रहते हैं लेकिन जब भी छुट्टी में आते हैं अपने दोस्त से मिलने जरुर आते हैं.


सोमवार का दिन. सोमदेव, पप्पू और जावेद ड्राइंग रूम में बैठकर बातें कर रहे हैं, उसी समय  राजू चहकता हुआ आता है और चिल्लाकर बोलता है – “अरे ओ यारों! पता है क्या खबर लाया हूँ. आज अपने आई ओ सी का annual day है. आज रात आई ओ सी कंपाउंड मथुरा में कोई शानदार प्रोग्राम होनेवाला है. ये देखो मैंने चार पास का जुगाड़ कर लिया है.”
सोमदेव बोला – “लेकिन मैं कैसे जा सकता हूँ.” जावेद बोला – “छोड़ यार सोमू , जहाँ चार यार मिल जाएँ वहां कोई प्रॉब्लम नहीं.”
रात को चारों दोस्त आई ओ सी कंपाउंड  प्रोग्राम देखने पहुंचे. रात आठ बजे प्रोग्राम शुरू हुआ. पहले तो लोकल कलाकारों ने अपनी कला प्रस्तुत की. तभी एंकर ने घोषणा किया - " अब आपके बीच आ रहीं हैं बॉलीवुड और साउथ में तहलका मचाने वाली मशहूर पॉप सिंगर और मॉडल अनुष्का मनचंदा. अनुष्का के स्टेज पर आते ही वहां का माहौल ही बदल गया. गैलरी में उपस्थित हजारों लोगों ने  तालियों से अनुष्का का जोरदार स्वागत किया.
अनुष्का ने जैसे ही गाना शुरू किया. वहां जैसे नीरवता छा गयी. सारे दर्शक मंत्रमुग्ध से हो गए. सच ही कहा गया है - संगीत वह शक्ति है जो मानव मन के तारों को झंकृत कर देती है. अनुष्का ने ऊँगली फिल्म का गाना गया जिसका उसने प्ले बैक सिंगिंग किया है.
अनुष्का के दूसरे  गाना से पहले एक बार फिर एंकर ने उद्घोषित किया – “अब आप वह देखने जा रहे हैं जो आज से पहले कभी नहीं हुआ है. एक तरफ अनुष्का की मादक आवाज होगी और दूसरी तरफ होंगे डांसिंग के बादशाह - अल्लू अर्जुन.” अल्लू अर्जुन का नाम सुनते ही जनता तो जैसे पागल हो गयी. अनुष्का ने गाना शुरू किया और अल्लू अर्जुन और असिस्टेंट डांसर्स ने डांस करना शुरू कर दिया. पहले गाना तक तो हम चारों दोस्त शांत ही बैठे रहे लेकिन जैसे ही दूसरा गाना शुरू हुआ, हम लोग अपने आपको रोक नहीं पाए, हम तीन दोस्त अपने सीट पर ही उठकर डांस करने लगे. सोमू लाचार सा सिर्फ अपना हाथ ऊपर उठाकर हिला रहा था मानो वह भी डांस ही कर रहा हो. ...
लोगों ने चिल्लाना शुरू किया - दम मारो दम .... दम मारो दम .... अनुष्का ने जैसे ही दम मारो दम गाना शुरू किया .. अल्लू अर्जुन के स्टेप्स और पैरों की गति देख वहां की भीड़ स्तब्ध थी, चुपचाप... इन दो दिग्गज कलाकारों की प्रतिभा को देख रहे थे. एक तरफ संगीत का जादू था तो दूसरी तरफ डांस की गति. इसी बीच अल्लू अर्जुन ने अपने दोनों हाथ उठाकर दर्शकों को भी डांस करने के लिए इशारा किया. हम तीनो दोस्त बगल में ही खाली जगह पर डांस करने लगे. सब अपनी अपनी धुन में लगे थे. किसी को किसी की सुध-बुध नहीं. अचानक हम तीनों दोस्त हतप्रभ से सोम़ू को देखने लगे. सोमू भी हमारे बगल में डांस कर रहा था. यह किसी जादू से कम नहीं था. जो लड़का कई महीनो से चल फिर नहीं पा रहा था, आज वह अपने पैरों पर खड़ा होकर डांस कर रहा है. सचमुच संगीत और नृत्य में अद्भुत शक्ति होती है. हमलोग एंकर के पास गए और उन्हें यह सारी बात बताई. अल्लू अर्जुन और अनुष्का ने हम चारों को स्टेज पर बुलाया. अल्लू अर्जुन ने अपनी Hat  सोमदेव को पहनाई. सचमुच यह कार्यक्रम अद्भुत था.

“I am blogging for #MaxFreshMove activity at BlogAdda.com.

Jun 12, 2015

त्वचा की देख भाल के लिए प्राकृतिक उपाय


मानव शरीर का सबसे बड़ा अंग इसकी त्वचा है. यदि त्वचा को पूरी तरह से खोल दिया जाय तो इसका आकार एक कम्बल से बड़ा हो जायेगा. अच्छा दिखना, अच्छा लगना हर कोई चाहता है. पर्सनालिटी डेवलपमेंट के लिए आकर्षक दिखना बहुत मायने रखता है. त्वचा (skin) यदि मुलायम और चमकीला हो तो फिर क्या कहने. आजकल ज्यादातर लोग त्वचा सम्बंधित बिमारियों जैसे  कील -मुहांसे आदि से परेशान रहते हैं. बाजार में हजारों तरह के synthetic products available हैं, लेकिन क्या ये products हमारे skin के लिए लाभकारी हैं. नहीं. आइये इस पोस्ट में कुछ natural चीजों के बारे में जानते हैं जिनके प्रयोग से त्वचा मुलायम और स्निग्ध बनता है और प्राकृतिक रूप से सौंदर्य में निखार आते जाता है.
१.    पपीता, शहद और नींबू को अच्छी तरह से मिलकर त्वचा पर लगाने से skin soft होता है. पपीता में पपेन नाम का एक enzyme होता है जो dead cells के layer को उतार देता है. शहद एंटी बैक्टीरियल होता है. यह त्वचा को मुलायम बनाता है. नींबू में citric acid होता है जो skin में निखार लाता है.
२.    उबटन के बारे में तो शायद सबको पता ही होगा. यह एक पारंपरिक फेस पैक होता है. हर शादी विवाह से पहले उबटन लगाने की परंपरा रही है. आपको पता है उबटन क्या होता है? हल्दी, चन्दन, बेसन और दूध को मिलाकर उबटन तैयार किया जाता है. यह आयुर्वेदिक लेप का स्पर्श जादुई होता है. हल्दी में युक्त Antioxidant  और चन्दन की शीतलता त्वचा के ढीलेपन को दूर करता है. बेसन dead cells को हटाता है और त्वचा को protein प्रदान करता है. दूध त्वचा को मुलायम बनाकर उसमें निखार लाता है. आपने "VICCO Turmeric Cream" का नाम जरुर सुना होगा, इसका मुख्य अवयव tumeric यानि हल्दी होता है. यह एक स्वयंसिद्ध आयुर्वेदिक फेस पैक है जिसे कोई भी लगा सकता है. यह सबके लिए फायदेमंद होता है. इसमें चने के बेसन की जगह लोग जौ का बेसन भी प्रयोग में लाते हैं.
३.    त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए उचित मात्रा में पानी पीना चाहिए. विशेष रूप  से गर्मी के दिनों में. भरपूर पानी पीने से त्वचा मुलायम बना रहता है. यदि त्वचा में ढीलापन है तो मुल्तानी मिट्टी का लेप लगाना चाहिए. इससे त्वचा में कसाव आता है.
४.    जिनका skin oily है उन्हें skin से extra oil हटाने के लिए कोई अनाज वाला स्क्रब लगाना चाहिए. यह extra आयल को absorb कर लेता है और skin सुन्दर दीखने लगता है.
५.    त्वचा को अंदरूनी पोषण मिलता रहे इसके लिए Macro-nutrients के साथ ही साथ Micro-nutrients  भी चाहिए. ताजे फल औरहरी सब्जी का संतुलित सेवन करने से त्वचा स्वस्थ और मुलायम बनी रहती है.
६.    एक अन्य तरीके से फेस पैक बनाया जाता है. दो चम्मच क्रीम, ककड़ी का गुदा, पपीता का गुदा और एवोकेडो को अच्छी तरह से मिलाकर फेस पैक तैयार कर लें. इसे चेहरे पर 20-25 मिनट तक लगाकर रखें. त्वचा कांतिमय होकर चमकने लगता है.
आज के इस बाजारू युग में सौंदर्य और ब्यूटी के नाम पर केमिकल आपके चहेरे पर पोता जा रहा है. यह कुछ समय के लिए बहुत ही सही लगता है लेकिन एक समय के बाद आपकी त्वचा कांतिहीन और शुष्क हो जाती है. केमिकल युक्त इन प्रसाधनों से दूर रहें. प्रकृति से जुड़े. आयुर्वेदिक उत्पादों का प्रयोग करें. इसका कोई side effect नहीं होता.